Prasar Bharati

“India’s Public Service Broadcaster”

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KEY MEMBERS – AB MATHUR, ABHAY KUMAR PADHI, A. RAJAGOPAL, AR SHEIKH, ANIMESH CHAKRABORTY, BB PANDIT, BRIG. RETD. VAM HUSSAIN, CBS MAURYA, CH RANGA RAO,Dr. A. SURYA PRAKASH,DHIRANJAN MALVEY, DK GUPTA, DP SINGH, D RAY, HD RAMLAL, HR SINGH, JAWHAR SIRCAR,K N YADAV,LD MANDLOI, MOHAN SINGH,MUKESH SHARMA, N.A.KHAN,NS GANESAN, OR NIAZEE, P MOHANADOSS,PV Krishnamoorthy, Rafeeq Masoodi,RC BHATNAGAR, RG DASTIDAR,R K BUDHRAJA, R VIDYASAGAR, RAKESH SRIVASTAVA,SK AGGARWAL, S.S.BINDRA, S. RAMACHANDRAN YOGENDER PAL, SHARAD C KHASGIWAL,YUVRAJ BAJAJ. PLEASE JOIN BY FILLING THE FORM GIVEN AT THE BOTTOM.

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14 comments:

  1. thank you to "PB PARIVAR" who join me in their family of members i am so happy and i obey my duty honestly.

    thank you .

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  2. Dear Prasar Bharati Team,
    As i get chance to be a member of such team and want to share my positive views and statements My purpose is to elaborate the views of Society in which We are living So keep boom the environment health because that is directly belongs to us and our Future Generation

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  3. As we accept from nature to give as we want It should Our Prime duty To Maintain Nature Balance Pl.Do Tree Planting

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  4. sir I want to book guest house at CHENNAI for 1 or 2 days.can you tell me the procedure for it ?

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  5. The 'Prasar Bharti Parivar ' is bringing its members closer to one another at the one and same platform by the way of promotion of understanding , fraternity and friendship - A first step to PEACE .

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  6. Dear friends ! Happy Friendship Day to You All !
    There is nothing on this earth to be prized more than true friendship. If you have a true friend then you are so lucky, person. True friends are always together in spirit.
    When it’s people we care about & value, everyday should be Friendship Day. For that particular day of observance, it could be as simple as returning the greeting, Happy Friendship Day to you to telling them how important their friendship is to you (if it’s someone you have a closer connection to). Perhaps, getting them a card or even a gift, to mark the occasion. Though, again, little tokens of appreciation & affection are best when they’re presented randomly, without there being a specific day attached to it. Doing something, just because. I know I enjoy those more.
    Friendship is a little more trust,
    A little less try,
    A little more laugh,
    And a little less cry,
    A little more WE and a little less I.
    Friendship day All of You.
    A friend is SWEET when it’s NEW, Its SWEETER when it’s TRUE,AND YOU KNOW, Its SWEETEST when it’s YOU. Happy Friendship Day.
    Hold a true friend with both your hands. Happy Friends Day !

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  7. Radio is still the most dynamic, reactive and engaging medium there is, adapting to 21st century changes and offering new ways to interact and participate. Where social media and audience fragmentation can put us in media bubbles of like-minded people, radio is uniquely positioned to bring communities together and foster positive dialogue for change. By listening to its audiences and responding to their needs, radio provides the diversity of views and voices needed to address the challenges we all face.

    Radio informs us and transforms us, through entertainment, information and audience participation. Having a radio means you are never alone – you always have a friend in radio.

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  8. I have been a regular listener of All India Radio's programs since 2004 , when I was 14 . To begin with , the main responsibility of AIR is to inform and to entertain . Its objective is to make aware by generating awareness. Main objective of AIR is to present the point of view of Indian Government on the matters of national and international importance. So I think AIR is a true reflection of all the political , social , economical and cultural spheres of Indian society. So in my opinion , it is necessary to inculate the habit of AIR listening if one wishes to be in perfect pace with changing times in Indonesia . Listening AIR is a healthy diet for me . Now it has become part and parcel of my life .It is outstanding God’s gift to me . It keeps me in constant touch with daily events , developments and changes in the whole world including India. I believe , AIR is bringing REAL & INCREDIBLE India to its listeners .

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    1. Correction : Please read as ' changing times in India ' instead of ' changing times of Indonesia ' .

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  9. 1947 में भारत के बंटवारे का दंश सबसे ज्यादा महिलाओं ने झेला. अनुमान है कि इस दौरान 75 हजार से एक लाख महिलाओं का अपहरण हत्या और बलात्कार के लिए हुआ. जबरन शादी, गुलामी और जख्म ये सब बंटवारे में औरतों को हिस्से आया.
    इतिहासकार बताते हैं कि 1952 तक कम से कम 25 हजार महिलाओं के बारे में या तो पता चला या फिर उन्हें बल पूर्वक आजाद कराया गया और उनमें से ज्यादातर को उनके रिश्तेदारों के पास पहुंचा दिया गया.

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  10. भारत को 1947 में मिली आजादी लेकिन विभाजन की तकलीफ के साथ. जल्दी जल्दी में खींची गयी सीमा की लकीरों ने विस्थापन का वह सिलसिला शुरू किया जिसकी दूसरी मिसाल दुनिया में कम ही देखने को मिलती है.
    हंगामा, अफरातफरी, हिंसा और अव्यवस्था की आंधियों के बीच ही पाकिस्तान नाम के एक नये देश का जन्म हुआ और ना जाने कितनी त्रासदियों की सिर उठाने का मौका मिला.
    1612 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने पहली बार भारत में पांव रखे, तब देश के एक बड़े हिस्से में मुगल शासन का अधिपत्य था और शासक था जहांगीर. यहां से कारोबारी रिश्ते की शुरुआत कर ईस्ट इंडिया कंपनी पूरे भारत पर हुकूमत करने लगी. 1857 के विद्रोह के बाद हुकूमत सीधे ब्रिटिश राज के हाथ में चली गई.
    1857 के विद्रोह को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की पहली बड़ी घटना माना जाता है. अंग्रेज सरकार इस विद्रोह को दबाने में कामयाब रही लेकिन भारतीयों के मन में इसकी चिंगारी सुलगती रही. पूरे 90 साल तक छोटे बडे हिंसक और अहिंसक आंदोलनों का नतीजा 1947 में मिला और भारत आजाद हुआ लेकिन विभाजित होकर.
    ये वो साल हैं जो भारत के विभाजन के बाद बीते हैं. पाकिस्तान के दो हिस्से थे पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान. पूर्वी पाकिस्तान बाद में एक एक अलग देश बन गया. इसमें भारत ने भी मदद की और आज उसे बांग्लादेश कहते हैं.
    1941 की जनगणना के मुताबिक तब हिंदुओँ की संख्या 29.4 करोड़, मुस्लिम 4.3 करोड़ और बाकी लोग दूसरे धर्मों के थे. मुस्लिम लीग ने मुसलमानों के हित में अधिकार मांगे जिसे कांग्रेस ने ठुकरा दिया. नतीजे में मुस्लिम लीग ने अलग राष्ट्र की मांग कर दी और उसे पाने में कामयाब हुए.
    2,897 किलोमीटर :ये उस सीमा रेखा की लंबाई है जो भारत और पाकिस्तान को विभाजित करती है. इसमें कुछ हिस्सा अब भी विवादित है. भारत और पाकिस्तान के बीच 1947 में जो रेखा खींची गयी वो धर्म की थी. बहुसंख्यक मुस्लिम पाकिस्तान चले गये जबकि हिंदू भारत के हो कर रह गये.
    1.2 करोड़ : ये संख्या उन लोगों की है जो इस विभाजन के कारण विस्थापित हुए. कुछ इतिहासकार इसे दुनिया में सबसे बड़ा विस्थापन बताते हैं. मुसलमानों की बहुत बड़ी आबादी अपनी जन्मभूमि को छोड़ पाकिस्तान चली गयी. इसी तरह हिंदुओं ने भारत का रुख किया. लोगों के दल जब सीमा पार कर रहे थे तब ये कतारें कई कई किलोमीटर लंबी थीं.
    विभाजन का एलान होने के बाद हुई हिंसा में कितने लोग मारे गये, इसे लेकर अलग अलग आंकड़े हैं. आमतौर पर इसकी संख्या 5 लाख बतायी जाती है. हालांकि ये संख्या सही सही नहीं बतायी जा सकती. माना जाता है कि दो लाख से 10 लाख के बीच लोगों की मौत हुई. इसके अलावा 75 हजार से 1 लाख महिलाओं का बलात्कार या हत्या के लिए अपहरण हुआ.
    3 जंग :ये संख्या उन जंगों की है जो 70 साल के इतिहास में भारत पाकिस्तान ने आपस में लड़ीं. इन जंगों की प्रमुख वजह कश्मीर था.

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  11. कृष्ण का जीवन जितना रोचक है, उतना ही मानवीय और मर्यादित भी। इसीलिए आम इंसान को बहुत कुछ सिखाता-समझाता है।दुनिया के जाने माने वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने भी कहा है कि ‘श्रीकृष्ण के उपदेश अतुलनीय हैं।’कृष्ण का जीवन प्रकृति के बहुत करीब रहा। प्रकृति के लिए उनके मन में जो अपनत्व रहा, वो समाज और राष्ट्र के सरोकारों से भी जोड़ने वाला है। कदम्ब का पेड़ और यमुना का किनारा उनके लिए बहुत विशेष स्थान रखते थे। पहाड पर चढ़े बगैर पहाड के पार का सत्य जानना असंभव है |अगर उस पार की दुनियां को जानना और समझना है तो पहाड पर चढना ही होगा|इतनी मेहनत तो कम से कम करनी ही होगी,अन्यथा सब गांव वाले पहाड के पार की दुनिया को वही समझते रहेंगे,जैसा उसे सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ी बताया जा रहा है | सत्य कभी भी विरासत में नहीं मिलता है, उसे तो स्वयं को ही खोजना पड़ता है |विरासत में तो असत्य ही मिलता है,क्योंकि असत्य को कभी भी खोजने की जरुरत ही नहीं होती है |श्री कृष्ण गीता में भक्ति-योग नमक १२वें अध्याय में बहुत ही सुन्दर तरीके से बताते हैं|उनके अनुसार निम्न प्रकार के लक्षण एक भक्त में होने चाहिए,वही भक्त मुझे प्रिय होते है |ये लक्षण हैं-
    १ -सब प्राणियों से द्वेष भाव न होना |
    २ -सबके साथ मैत्री पूर्ण व्यवहार रखना |
    ३-बिना स्वार्थ के सबके प्रति दयालु होना |
    ४-ममता रहित होना |
    ५ -अहंकार रहित होना |
    ६ -सुख-दुःख में समान रहना |
    ७-क्षमा भाव होना |
    ८-सभी ओर से संतुष्ट रहना |
    ९-दृढ निश्चयी होना |
    १०-मन और बुद्धि को परमात्मा में अर्पित कर देना |
    ११-किसी भी जीव को उद्वेलित नहीं करना |
    १२-किसी भी जीव से उद्वेलित न होना |
    १३-हर्ष,अमर्ष(दूसरे की उन्नति देखकर परेशान होना ),भय और उद्वेग से रहित होना |
    १४-आकांक्षा से रहित होना |
    १५-बाहर और भीतर दोनों में शुद्ध रहना |
    १६-प्रत्येक कार्य में दक्ष होना |
    १७-पक्षपात से रहित होना |
    १८-दुःख में दुखी न होना |
    १९-सभी कार्य के प्रारंभ करने का श्रेय न लेना |
    २०-अधिक हर्षित न होना |
    २१-द्वेष न करना |
    २२-शोक न करना |
    २३-किसी भी प्रकार की कामना न करना |
    २४-शुभ-अशुभ सभी कर्मों का त्याग कर देना |
    २५-शत्रु और मित्र में सम रहना |
    २६-मान-अपमान में सम रहना |
    २७-सर्दी-गर्मी और में सम रहना |
    २८-आसक्ति-रहित होना |
    २९-निंदा और स्तुति को समान समझना |
    ३०- मनन शील होना |
    ३१ -भक्तिमान होना |

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  12. Happy Krishna Janmashtami 2017 to Prasar Bharati Privar !
    May Lord Krishna's flute invite the melody of love into your life.May Lord Krishna show you the way in your life as he showed the way to Arjuna in the battle of Mahabharata. Have a blessed Krishna Janmashtami!

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  13. Happy 71st Independence Day to the People of India !
    This red letter day has a great significance in Indian history as it ended up with a century long struggle which finally broke free the country from the clutches of slavery and oppression of the British rule and rose to the dawn of freedom. It is a day to remember the sacrifices made by the martyrs and nationalists, who laid down their lives for the sake of the Motherland .
    On every independence day we celebrate our basic and democratic rights. India is self governing country. Which constitute with various rights of India citizen. In India people have their many rights that is ruled by government of India just like voting rights, Study rights, rights to select government etc.Indians pride on country and their freedom life and celebrate this moment in prideful way.

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